रविवार, 5 जुलाई 2009

सहश्रमुखी शिवलिंग


जिला मुख्यालय से २० किमी पूरब व् दक्षिण के कोने पर मऊ गावं में एक नाले के किनारे सहश्रमुखी शिवलिंग स्थित है । यह शिवलिंग किस शताब्दी का है इसका सही पता नहीं । कुछ लोग सिर्फ़ अनुमान के आधार पर इसके काल का जिक्र किए है । मऊ के आस पास सैकड़ों अन्य दूसरी देवी देवताओं की मुर्तिया विखरी पड़ी है । यहाँ से मात्र ३ किमी आगे चन्द्रकान्ता का तिलस्मी विजयगढ़ दुर्ग है । सहश्रमुखी शिवलिंग से थोडी दुरी पर एक अन्य शिवलिंग स्थापित है वही एक दुर्लभ नंदी की प्रतिमा है । मऊ गाँव में लाखो की लागत से संग्रहालय भवन का निर्माण सरकार द्वारा कराया गया है लेकिन वह अभी इस रूप में नही है की उसने दुर्लभ व प्राचीन मूर्तियाँ रखी जा सकें । मऊ गाँव पुरी तरह पर्यटकों के लिए अच्छा स्थान है । गाँव के बगल में विशाल धन्धरौल बाँध है । सहश्रमुखी शिवलिंग के आस पास प्रतिवर्ष मेले का आयोजन होता है । इसमे भारी संख्या में आदिवासी शामिल होते है ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें