
सोनभद्र में पुरातात्त्विक महत्त्व के तमाम स्थल मौजूद हैं । इसे द्वितीय काशी व् गुप्त काशीके नाम से भी जाता है ।शिवद्वार में उमा माहेश्वर
की दुर्लभ प्रतिमा कंडा कोट, गौरी शंकर ,बरेला,नल राजा ,गोठानी ,गुप्तेश्वर ,दुधवा ,शिवाल्ला गाँव ,मडरा ,एवं रेनुकूट मैं रेनुकेश्वर महादेव का प्रषिद मन्दिर है । इसी तरह शक्तिनगर मै ज्वालामुखी ,कुडारी ,अमिलाधाम ,भवानी गाँव ,मऊ ,समेत कुछ अन्य गाँव मैं शक्तिपीठ के रूप मैं कई देवी मन्दिर मौजूद हैं । इसके अलांवा कुछ अन्य देवी देवताओं की मूर्तियाँ इस जिले के गाँव मैं बिखरी हुई हैं । वहीँ आदिवासी बहुल इलाका होने से यहाँ तमाम जनजातियों के अपने कुल देवी देवता पूजे जाते है । डीह बाबा ,राजा लखन ,मुआ ,मरी समेत तमाम इस तरह के देवी देवता है जो उनके द्वारा पूजे जा रहे है ।
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